Posted By: Pooja On 1st Sep, 2011 10:30 PM

Category: Lyrics
Genre: Naach , Raga Bhairvi
Publisher: Underscore records Pvt Ltd
Source: Gramophone Master
Author: Mr. P.D. Lamman

मैना बोल गई रे

पीतम की मीठी बोली


न अपना और न बेगाना काम आता है ,

न रंगों रूप यहाँ काम आता है न जाते  सिफात ,

न तख्तों ताज यह शाहाना काम आता है ,

न जाम और न पैमाना काम आता है ,


मैना बोल गई रे

पीतम की मीठी बोली ,


यह चार दिन की जवानी दो घडीकी की बहार ,

रहेगी और न रही हुस्न आरज़ीकी बहार ,

गुरूरों नाजों तकब्बुर यह तमकनत यह गुबार ,

कोई बहार का है और न है किसी की बहार ,


मैना बोल गई रे

पीतम की मीठी बोली


This entry lies in public domain and can therefore be used commercially and/or non-commercially. However, in keeping with best practice conventions, users are expected to mention the source, composer, lyricist and any other details provided here or that may be procured later, as and when they choose to use this material.

Comments have been disabled.